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टाइमलाइन न्यूज़ हिंदी के लिए सुनील गुप्ता की रिपोर्ट
बरेली। नाथनगरी की धार्मिक पहचान को शहर के विकास से जोड़ने की दिशा में बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने एक और कदम बढ़ाया है। त्रिशूल तिराहे को अब नए स्वरूप में विकसित कर ‘त्रिलोकी चौक’ के रूप में पहचान देने की तैयारी है। चौराहे की त्रिकोणीय बनावट को ध्यान में रखते हुए यहां आध्यात्मिक प्रतीकों के साथ आधुनिक लैंडस्केपिंग और आकर्षक शहरी डिजाइन का इस्तेमाल किया जाएगा।
बीडीए की योजना के मुताबिक तिराहे के बीच बने त्रिकोणीय आइलैंड के केंद्र में महाशक्ति के प्रतीक के तौर पर विशाल कमल शिल्प स्थापित किया जाएगा। इसके आसपास फूलों की क्यारियां, सजावटी पौधे और हरियाली विकसित की जाएगी। कमल को चौक का प्रमुख आकर्षण बनाकर शक्ति, नारी शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने की परिकल्पना की गई है।
चौक के सामने सड़क के दूसरी ओर फोकस वॉल बनाई जाएगी। इस पर मां पार्वती को शक्ति स्वरूप में प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही नाथ परंपरा और भारतीय आध्यात्मिक विरासत से जुड़े स्थापत्य व कलात्मक तत्वों को भी डिजाइन का हिस्सा बनाया जाएगा। फोकस वॉल पर बीडीए और नाथ कॉरिडोर की ब्रांडिंग भी दिखाई देगी।

फोकस वॉल के सामने फव्वारे लगाए जाएंगे, जबकि आसपास हरित क्षेत्र और फूलों की क्यारियां विकसित होंगी। इस तरह त्रिलोकी चौक पर धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीकों और आधुनिक सौंदर्यीकरण का मेल देखने को मिलेगा।
नाथ कॉरिडोर की थीम से जुड़ेगा पूरा मार्ग
बीडीए की योजना केवल चौराहे के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है। त्रिलोकी चौक को नाथ कॉरिडोर की व्यापक थीम से जोड़ने की तैयारी है। इसी मार्ग पर आगे विश्वनाथ द्वार का निर्माण कराया जा रहा है। ऐसे में त्रिलोकी चौक से विश्वनाथ द्वार तक धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को एक समान थीम में विकसित किया जाएगा।
भविष्य में पीलीभीत रोड के प्रस्तावित छह लेन विकास को भी नाथ कॉरिडोर की थीम से जोड़ने की योजना है। इससे त्रिशूल तिराहे से विश्वनाथ द्वार और आगे छह लेन मार्ग तक नाथनगरी की एकरूप और विशिष्ट पहचान विकसित हो सकेगी
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मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप बरेली की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शहरी विकासनलैंडमार्क के रूप में विकसित करने की योजना है।
सौम्या पांडेय
उपाध्यक्ष बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए)
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