Skip to content
चरन सिंह टाइमलाइन न्यूज़ हिंदी संवाददाता
सीबीगंज (बरेली) - सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में क्षेत्र के समस्त परिषदीय विद्यालयों में मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्र के सभी परिषदीय विद्यालय रोजाना की तरह खुले। प्राथमिक विद्यालय बहजुईया जागीर के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, प्रभात फेरी में छात्र-छात्राओं ने स्लोगनों की तख़्तियों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया। प्रधानाध्यापक शशिवाला जौहरी ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा, भारत रत्न, लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का देसी रियासतों को स्वतंत्र भारत में निर्विवाद रूप से विलय कराने में विशेष योगदान रहा। नीतिगत दृढ़ता के लिए गाँधीजी ने उन्हें 'सरदार' और 'लौह पुरुष' की उपाधि दी थी। भारत की आजादी में महान स्वतंत्रता सेनानी सरदार वल्लभभाई पटेल का बहुत बड़ा योगदान रहा है। प्राथमिक विद्यालय गौतारा की प्रधानाध्यापक कल्पना पांडे ने छात्र छात्राओं को बताया की सरदार पटेल आधुनिक भारत के शिल्पी थे। उनके कठोर व्यक्तित्व में विस्मार्क जैसी संगठन कुशलता, कौटिल्य जैसी राजनीति सत्ता तथा राष्ट्रीय एकता के प्रति अब्राहम लिंकन जैसी अटूट निष्ठा थी।
उनका जन्मदिन देश भर में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है न केवल भारत की आजादी बल्कि आजादी के बाद भी भारत को एक राष्ट्र बनाने में योगदान रहा है।

प्राथमिक विद्यालय चन्दपुर काजियान की प्रधानाध्यापक डॉ नीतू अग्रवाल ने बताया कि सरदार पटेल कहते थे, की हमें ऊंच-नीच, अमीर-गरीब और जातिप्रथा के भेदभावों को समाप्त कर देना चाहिए। बोलने में मर्यादा मत छोड़ना, गालियां देना तो कायर का काम है। प्रजा का विश्वास, राज्य की निर्भयता की निशानी है। गरीबों की सेवा ही, ईश्वर की सेवा है।

प्राथमिक विद्यालय ऐना की प्रधानाध्यापक राखी सक्सेना ने बच्चों को बताया की गुजरात में नर्मदा के सरदार सरोवर बांध के सामने सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची लौह प्रतिमा (स्टैचू ऑफ यूनिटी) का निर्माण किया गया है यह संसार की सबसे ऊंची प्रतिमा है, इसे 31 अक्टूबर 2018 को देश को समर्पित किया गया था। वंही संयुक्त राज्य अमरीका के न्यूयॉर्क सिटी की स्टेचू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई केवल 93 मीटर है।

कंपोजिट विद्यालय जोगीठेर में ए०आर०पी० डॉ डी पी यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, सरदार पटेल का विजन था कि भारतीय प्रशासनिक सेवाएं देश को एक रखने में अहम भूमिका निभाएगी, उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवाओं को मजबूत बनाने पर काफी जोर दिया, उन्होंने सिविल सेवाओं को स्टील फ्रेम कहा था। सरदार की जयंती पर

प्राथमिक विद्यालय, चन्दपुर जोगियान, ठिरिया ठाकुरान, पूर्व माध्यमिक विद्यालय गौतारा, चन्दपुर जोगियान, ठिरिया ठाकुरान आदि विद्यालयों में भी सरदार को याद किया गया और उनके जीवन से जुड़े तथ्यों को छात्र छात्राओं को बताया गया।