Thursday, 09-07-2026
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हर बच्चे को पढ़ने, लिखने और गणना में दक्ष बनाना ही एफएलएन प्रशिक्षण का मूल मंत्र है - पुष्पा अरुण

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टाइमलाइन न्यूज़ (हिन्दी) के लिए बरेली से चरन सिंह की रिपोर्ट

बरेली। नई शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) पर आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण का पांचवे और छठे बैच का ब्लॉक संसाधन केंद्र काँधरपुर पर आज पांचवा दिन है।बीआरसी सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण में 100 शिक्षक-शिक्षामित्रों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण दे रहे प्रशिक्षक/शुगमकर्ता डॉक्टर डी पी एस यादव ने कहा कि प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान विकसित करने के लिए खेल-खेल और गतिविधियों पर आधारित शिक्षण सबसे कारगर तरीका होता है। सुगमकर्ता मृदुला गंगवार व बृजेश सोलंकी ने कहा कि प्रशिक्षण में भाषा शिक्षण के अंतर्गत वर्ण पहचान, पठन कौशल, लिखित कौशल, स्वयं सीखने की क्षमता, गली मित्र, विषय मित्र और पीयर लर्निंग जैसे पहलुओं पर विशेष जोर दिया गया है। प्रशिक्षण में एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तकों जैसे वीणा (भाषा), गणित मेला, और संतूर (अंग्रेज़ी) की विषयवस्तु को सरल और सहज तरीके से समझाने में भी मदद मिल रही है। इस अवसर पर राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षिका पुष्पा अरुण द्वारा एफएलएन प्रशिक्षण के उद्देश्यों के बारे में बताते हुए कहा गया कि हर बच्चे को पढ़ने, लिखने और गणना में दक्ष बनाना ही इस प्रशिक्षण का मूल मंत्र है। इस प्रशिक्षण से शिक्षक को बच्चों में वर्ण पहचान, पठन कौशल, लेखन क्षमता, और संख्यात्मक समझ को विकसित करने में मदद मिलेगी। शिक्षकों द्वारा गतिविधि आधारित शिक्षण से कराने से बच्चों में रुचि भी उत्पन्न होगी। प्रशिक्षण से होने वाले लाभ के बारे में सुगमकर्ता राजवाला व लक्ष्मण दत्त शर्मा ने कहा कि शिक्षक बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ा और समझा सकते हैं। इससे बच्चों में स्वयं सीखने की क्षमता और सृजनात्मक सोच को भी बढ़ावा मिलता है। विद्यालयों में सर्वांगीण विकास की दिशा में ठोस कदम उठाया जाता है। इस प्रशिक्षण में प्रतिभागियों के रूप में विशेष रूप से सुधांशु कुमार, महावीर प्रसाद, गीता देवी, रागिनी गंगवार, रिजवाना, शालिनी शर्मा, अन्जू कटियार, गार्गी उपाध्याय, कोमल गुप्ता आदि ने सक्रिय रूप से विभिन्न चर्चाओं में हिस्सा लिया।

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