Friday, 09-10-2026
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42 विद्यार्थियों की परीक्षा में तनिश-प्रियांशु की बराबर चमकी मेधा

गणित ओलंपियाड में दोनों ने हासिल किया संयुक्त प्रथम स्थान, खुशबू-आयुष दूसरे और इस्टल रानी रहीं तीसरे स्थान पर

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चरन सिंह बरेली किसी ने तर्क से सवाल सुलझाए तो किसी ने समय प्रबंधन से बाजी मारने की कोशिश की। गणित के सवालों के बीच चली इस बौद्धिक परीक्षा में आखिरकार तनिश और प्रियांशु की प्रतिभा बराबर चमकी। दोनों ने समान प्रदर्शन करते हुए गणित ओलंपियाड में संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया। ब्लॉक क्यारा के ब्लॉक संसाधन केंद्र कांधरपुर में गुरुवार को आयोजित गणित ओलंपियाड में विभिन्न उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों के 42 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। खंड शिक्षा अधिकारी तौसीफ अहमद की निगरानी में हुई प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने गणितीय समझ के साथ अपनी तर्कशक्ति और समस्या समाधान क्षमता की भी परीक्षा दी।


मूल्यांकन के बाद घोषित परिणाम में खुशबू और आयुष ने संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि इस्टल रानी ने तीसरा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बना। कठिन प्रश्नों को हल करने के लिए परीक्षार्थियों ने एकाग्रता और समय प्रबंधन का सहारा लिया। परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में जितेंद्र श्रीवास्तव, अंकुर पाण्डेय, नितिन शर्मा, इमरान अली और शैलेश सिंह ने सहयोग किया।ब्लॉक संसाधन केंद्र पर अकादमिक रिसोर्स पर्सन (गणित) प्रियंका गुप्ता के साथ प्रमोद गंगवार, बृजेश सोलंकी, एलडी शर्मा और प्रमोद कुमार ने परीक्षा के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

‘सिर्फ किताबों तक सीमित न रहे गणित की समझ’

खंड शिक्षा अधिकारी तौसीफ अहमद ने कहा कि गणित ओलंपियाड विद्यार्थियों को अपनी क्षमता परखने का अवसर देता है। ऐसी प्रतियोगिताओं से गणित के प्रति रुचि बढ़ने के साथ बच्चों में तार्किक और विश्लेषणात्मक सोच भी विकसित होती है। विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर ऐसी प्रतियोगिताओं में उत्साह के साथ हिस्सा लेना चाहिए।

सवालों के साथ समय और तर्कशक्ति की भी परीक्षा

अकादमिक रिसोर्स पर्सन (गणित) प्रियंका गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रश्नों को हल करते समय उन्होंने अपनी विषयगत दक्षता के साथ समय प्रबंधन, तार्किक सोच और समस्या समाधान कौशल का भी परिचय दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों में गणित के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ उनके आत्मविश्वास और बौद्धिक क्षमता को मजबूत करती हैं।

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