भोजीपुरा में शिक्षक संकुल उन्मुखीकरण कार्यक्रम सम्पन्न, FLN और निपुण लक्ष्य पर दिया गया जोर
सूरज मौर्या टाइमलाइन न्यूज़ हिंदी संवाददाता
बरेली। विकास खण्ड भोजीपुरा में 17 अक्टूबर 2026 को लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (LLF) के सहयोग से एक दिवसीय शिक्षक संकुल उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षक संकुलों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना, संकुल बैठकों की गुणवत्ता में सुधार करना तथा विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN) कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए साझा समझ विकसित करना रहा।
प्रशिक्षण का शुभारंभ प्रतिभागियों के परिचय एवं प्रशिक्षण के सामान्य नियमों पर चर्चा के साथ हुआ। मनौव्वर सर ने मनोरंजक गतिविधि के माध्यम से प्रतिभागियों को सक्रिय रूप से जोड़ा और सकारात्मक प्रशिक्षण वातावरण तैयार किया। इसके बाद प्रतिभागियों से प्रशिक्षण संबंधी अपेक्षाएँ साझा कराई गईं।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षक संकुल के उद्देश्य, संकुल बैठकों की आवश्यकता एवं उपयोगिता, शिक्षक संकुल की भूमिका और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही गुणवत्तापूर्ण संकुल बैठक के पाँच आवश्यक सिद्धांतों, बैठक के तीन प्रमुख चरणों तथा निपुण आकलन को बेहतर बनाने में शिक्षक संकुलों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

विभिन्न सत्रों में एआरपी प्रमोद सर, गुरुजोत सर, अकवीर मैम एवं नजमुद्दीन सर ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने शिक्षक संकुलों को अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन करने और विद्यालयों में शिक्षकों को अकादमिक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रेरित किया।
अकादमिक विषयों पर चर्चा को प्राथमिकता देने पर जोर
प्रशिक्षण में संकुल बैठकों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। इनमें सभी शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना, प्रशासनिक विषयों की अपेक्षा अकादमिक मुद्दों और बच्चों के सीखने के परिणामों पर अधिक चर्चा करना तथा पिछली बैठकों के निर्णयों एवं कार्ययोजना की समीक्षा करना प्रमुख रहा।
इसके अतिरिक्त शिक्षकों के बीच बेहतर शिक्षण पद्धतियों का आदान-प्रदान, शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) एवं FLN गतिविधियों का व्यावहारिक प्रदर्शन, बैठक की कार्यवाही को रजिस्टर में व्यवस्थित रूप से दर्ज करना तथा प्रत्येक शिक्षक को अपने विचार और समस्याएँ साझा करने का अवसर देना भी महत्वपूर्ण बिंदु रहे।
पुरानी चुनौतियों से सीख लेकर बनेगी नई कार्ययोजना
कार्यक्रम में पूर्व में आयोजित संकुल बैठकों की चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। अकादमिक विषयों पर सीमित चर्चा, शिक्षकों की कम उपस्थिति, बैठकों की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता तथा दूरस्थ विद्यालयों के शिक्षकों की कम भागीदारी जैसे मुद्दे सामने आए।
इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आगामी संकुल बैठकों को अधिक सहभागी, उद्देश्यपूर्ण एवं परिणामोन्मुख बनाने पर सहमति बनी। ‘पहले संकुल बैठकें कैसी थीं और अब उनमें क्या परिवर्तन लाना है’ विषय पर चर्चा करते हुए प्रतिभागियों को अपनी कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया गया।
निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति पर विशेष बल
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि शिक्षक संकुलों की भूमिका केवल बैठक आयोजित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें विद्यालयों में शिक्षकों को निरंतर अकादमिक सहयोग भी प्रदान करना चाहिए। शिक्षक संदर्शिका के अनुसार शिक्षण, प्रभावी FLN गतिविधियों का संचालन, शिक्षण-अधिगम सामग्री का उपयोग, बच्चों की सीखने की प्रगति की समीक्षा तथा निपुण आकलन के आधार पर आवश्यक शैक्षणिक सहयोग सुनिश्चित करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।
प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त सीख का उपयोग आगामी संकुल बैठकों में करेंगे और उनकी गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर प्रयास करेंगे। इससे शिक्षकों की शिक्षण दक्षताओं में वृद्धि के साथ बच्चों को बेहतर सीखने के अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षक संकुलों में अपनी भूमिका, उत्तरदायित्व एवं अकादमिक नेतृत्व को लेकर बेहतर समझ विकसित हुई। आशा व्यक्त की गई कि यह पहल विकास खण्ड भोजीपुरा में FLN कार्यक्रम को प्रभावी बनाने और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देगी।