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टाइमलाइन न्यूज़ (हिन्दी) के लिए बरेली से चरन सिंह की रिपोर्ट
बरेली। सावन के चौथे सोमवार को सीबीगंज का माहौल भक्ति के साथ सेवा के रंग में भी रंगा नजर आया। शिव मंदिर और थाना सीबीगंज के सामने लगे सेवा शिविर में कांवड़ियों के लिए जहां चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहीं, वहीं भोजन, फल, जूस, जलपान और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था ने राहगीर श्रद्धालुओं को राहत दी। खास बात यह रही कि बरेली सांसद छत्रपाल गंगवार भी सेवा शिविर पहुंचे और कांवड़ियों का स्वागत करते हुए उन पर पुष्पवर्षा की।
सांसद ने स्वयं भोजन एवं जलपान वितरण में सहभागिता की। इसके बाद शिव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का विधिवत जलाभिषेक किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा श्रद्धालुओं के कल्याण की कामना की। उन्होंने सेवा शिविर में तैयार कांवड़ किट और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आयोजन से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना की।
बीमारी से पहले बचाव पर जोर
जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य शिविर संचालित किया गया। डॉ. मधु गुप्ता के संयोजन में स्वास्थ्यकर्मियों ने कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की जांच की। जरूरत के अनुसार चिकित्सा परामर्श और प्राथमिक उपचार भी उपलब्ध कराया गया। स्वास्थ्य टीम में हिरदेश, मनमोहन, श्रवण, सरिता, मोनू, अनुराग, सूरज और शाहिद समेत स्वास्थ्यकर्मियों ने जिम्मेदारी संभाली।
सेवा में स्थानीय लोगों ने भी बढ़ाया हाथ
कांवड़ सेवा की व्यवस्थाओं में पार्षद रचित गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके नेतृत्व में भोजन, जूस, फल, नमकीन और पेयजल की व्यवस्था की गई। खलीलपुर क्षेत्र के सहयोगियों, गौरव गुप्ता और अन्य स्थानीय सेवाभावी लोगों ने भी व्यवस्थाओं को संभालने में सहयोग दिया। ज्ञानप्रकाश लोधी, राजन श्रीवास्तव, सौरभ गुप्ता, अनिल कुमार गुप्ता, पवन गुप्ता, सुनील गुप्ता, नवीन राघव, रानू ठाकुर, कुलवीर सिंह, प्रेम शंकर गुप्ता, जेपी गंगवार, रचित अग्रवाल, अनिल गोस्वामी और बंटी ठाकुर समेत अनेक लोगों ने सेवा में सहभागिता की।
पहले सोमवार से जारी है अभियान
डॉ. मधु गुप्ता के अनुसार सावन के प्रथम सोमवार से लगातार चल रहे इस अभियान का उद्देश्य कांवड़ यात्रियों को धार्मिक यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सुविधा के साथ जरूरी सेवा उपलब्ध कराना है। चतुर्थ सोमवार को सांसद की मौजूदगी और पुष्पवर्षा से शिविर में विशेष उत्साह दिखाई दिया। सीबीगंज में चल रही यह पहल इस संदेश के साथ आगे बढ़ रही है कि कांवड़ यात्रा में आस्था के साथ स्वास्थ्य और सेवा की जिम्मेदारी भी जरूरी है।